नेहरू सरकार के 20 बड़े काम
जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक, करीब 17 साल देश के प्रधानमंत्री रहे। उनके समय में आज़ाद भारत की कई बुनियादी संस्थाएँ बनीं। यहाँ उनकी सरकार के 20 बड़े कामों की झलक है।
योजना और अर्थव्यवस्था
1950 में योजना आयोग बना और 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना शुरू हुई, जिसमें खेती और सिंचाई पर ज़ोर दिया गया। 1952 में गाँवों के विकास के लिए सामुदायिक विकास कार्यक्रम शुरू हुआ। 1955 में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया और 1956 में जीवन बीमा निगम (LIC) बने। भिलाई, राउरकेला और दुर्गापुर में इस्पात संयंत्र लगे, और 1963 में भाखड़ा बांध राष्ट्र को समर्पित किया गया।
विज्ञान और शिक्षा
1948 में परमाणु ऊर्जा आयोग बना। 1951 में खड़गपुर में देश का पहला IIT शुरू हुआ। 1953 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) बना, जिसे 1956 में कानूनी दर्जा मिला। 1956 में नई दिल्ली में AIIMS की स्थापना हुई। उसी साल ट्रॉम्बे में अप्सरा रिएक्टर शुरू हुआ, जो एशिया का पहला परमाणु रिसर्च रिएक्टर था। 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान समिति (INCOSPAR) बनी, जो आगे चलकर ISRO बनी।
लोकतंत्र और समाज
1951-52 में देश के पहले आम चुनाव हुए। 1955-56 में हिंदू कोड बिल के कानून बने, जिनसे महिलाओं को तलाक़ और विरासत में हक़ मिला। 1956 में भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ। 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर से पंचायती राज की शुरुआत हुई।
विदेश नीति
1954 में चीन के साथ पंचशील समझौता हुआ। 1961 में बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव पड़ी। उसी साल गोवा को पुर्तगाली राज से आज़ाद कराया गया।
दूसरा पहलू
नेहरू के कार्यकाल की आलोचना भी होती है। 1962 के चीन युद्ध में भारत की हार हुई। आलोचकों का कहना है कि सरकारी नियंत्रण वाली अर्थव्यवस्था से विकास की रफ़्तार धीमी रही, और कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र ले जाने के फ़ैसले पर आज भी बहस होती है।
फिर भी चुनाव, योजना, विज्ञान और शिक्षा की जो संस्थाएँ उनके समय बनीं, वे आज भी देश की नींव का हिस्सा हैं।

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