देश के 23 IIT: किस PM के समय बने

देश के 23 IIT: किस PM के समय बने

IIT यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान हैं। 1951 में खड़गपुर से शुरू हुआ यह सफ़र आज 23 IIT तक पहुँच चुका है। आइए देखें कि कौन सा IIT किस प्रधानमंत्री के समय बना।

नेहरू के समय (5 IIT)

पहला IIT 1951 में खड़गपुर में बना। इसके बाद बॉम्बे (1958), मद्रास (1959), कानपुर (1959) और दिल्ली (1961) में IIT शुरू हुए। इन संस्थानों को बनाने में दूसरे देशों की भी मदद मिली: बॉम्बे को सोवियत संघ, मद्रास को पश्चिम जर्मनी, कानपुर को अमेरिका और दिल्ली को ब्रिटेन का सहयोग मिला।

नरसिम्हा राव और वाजपेयी के समय (2 IIT)

1994 में नरसिम्हा राव सरकार के समय IIT गुवाहाटी शुरू हुआ। 2001 में वाजपेयी सरकार के समय रुड़की विश्वविद्यालय को IIT का दर्जा दिया गया।

मनमोहन सिंह के समय (9 IIT)

सबसे ज़्यादा नए IIT मनमोहन सिंह सरकार के समय बने। 2008 में भुवनेश्वर, गांधीनगर, हैदराबाद, पटना, रोपड़ और जोधपुर में IIT शुरू हुए। 2009 में इंदौर और मंडी में IIT खुले। 2012 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान को IIT (BHU) वाराणसी का दर्जा मिला।

मोदी के समय (7 IIT)

2015 में पलक्कड़ और तिरुपति में IIT शुरू हुए। 2016 में धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ़ माइंस (ISM) को IIT का दर्जा मिला, और भिलाई, गोवा, जम्मू और धारवाड़ में नए IIT खुले।

ध्यान देने वाली बात

IIT में दाख़िला JEE एडवांस्ड परीक्षा से होता है, जिसमें हर साल लाखों छात्र बैठते हैं। 1961 के “प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम” के तहत सभी IIT को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा मिला है, और नए IIT जोड़ने के लिए इस कानून में संशोधन किया जाता है।

रुड़की, BHU और धनबाद पहले से चल रहे पुराने संस्थान थे, जिन्हें बाद में IIT का दर्जा दिया गया। बाकी IIT नए सिरे से बने। IIT जैसे संस्थान तैयार होने में कई साल लगते हैं, और आज इनसे निकले इंजीनियर दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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