Boomer, Gen Z, Gen Alpha: ये क्या हैं?

Boomer, Gen Z, Gen Alpha: ये क्या हैं?

आजकल सोशल मीडिया पर Boomer, Millennial, Gen Z और Gen Alpha जैसे शब्द खूब सुनाई देते हैं। ये शब्द पीढ़ियों (Generations) के नाम हैं, जो जन्म के साल के आधार पर तय होते हैं। हर पीढ़ी ने अपने समय की अलग दुनिया देखी, इसलिए उनकी सोच और आदतें भी अलग होती हैं। यहाँ उम्र 2026 के हिसाब से दी गई है।

साइलेंट जेनरेशन (1928–1945, उम्र 81+ साल)

इस पीढ़ी ने दूसरे विश्व युद्ध और भारत की आज़ादी का दौर देखा। यह चुपचाप मेहनत करने वाली, बचत और अनुशासन पसंद पीढ़ी मानी जाती है।

बेबी बूमर्स (1946–1964, उम्र 62–80 साल)

विश्व युद्ध के बाद दुनिया में जन्म-दर में अचानक “बूम” आया, इसलिए यह नाम पड़ा। इनका ज़माना रेडियो, चिट्ठी और पक्की सरकारी नौकरी का था।

जेनरेशन X (1965–1980, उम्र 46–61 साल)

“X” का मतलब है जिसकी पहचान तय न हो। यह पीढ़ी दूरदर्शन, लैंडलाइन और कैसेट के साथ बड़ी हुई और इसने 1991 का आर्थिक बदलाव अपनी आँखों से देखा।

मिलेनियल्स या जेनरेशन Y (1981–1996, उम्र 30–45 साल)

यह पीढ़ी सन 2000, यानी नई सहस्राब्दी (मिलेनियम) के आसपास जवान हुई। इसने बिना इंटरनेट का बचपन और साइबर कैफ़े से स्मार्टफ़ोन तक का सफ़र देखा।

जेनरेशन Z (1997–2012, उम्र 14–29 साल)

X और Y के बाद अगला अक्षर Z। यह पीढ़ी इंटरनेट के साथ पैदा हुई, इसलिए इसे “डिजिटल नेटिव” कहा जाता है। रील्स, यूट्यूब, ऑनलाइन पढ़ाई और स्टार्टअप की सोच इसकी पहचान है।

जेनरेशन अल्फ़ा (2013–2024, उम्र 2–13 साल)

अंग्रेज़ी के अक्षर ख़त्म हुए, तो ग्रीक वर्णमाला का पहला अक्षर Alpha चुना गया। इस पीढ़ी का बचपन टैबलेट, वॉइस असिस्टेंट और AI के बीच बीत रहा है।

जेनरेशन बीटा (2025 से, उम्र 0–1 साल)

Beta ग्रीक वर्णमाला का दूसरा अक्षर है। यह अभी जन्म ले रही पीढ़ी है, जिसके लिए AI, रोबोट और स्मार्ट मशीनें बिल्कुल आम बात होंगी।

ध्यान रखें

पीढ़ियों के सालों की सीमा अलग-अलग शोध संस्थानों में 1 से 3 साल ऊपर-नीचे हो सकती है। ये नाम ज़्यादातर अमेरिका और पश्चिमी देशों में बने, इसलिए भारत में हर पीढ़ी के अनुभव कुछ अलग रहे। पीढ़ी का नाम किसी व्यक्ति के बारे में सब कुछ नहीं बताता, यह सिर्फ़ उसके समय के माहौल को समझने का एक तरीका है।

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